आज का पंचांग

नि:शुल्क, हमारे अपने खगोलीय इंजन पर गणना — कहीं से लिया हुआ नहीं।

दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण — साथ में आपके शहर का सूर्योदय-सूर्यास्त, और वे समय जिनका परिवार ध्यान रखते हैं: राहु काल, यमगण्ड, गुलिक काल और शुभ अभिजित मुहूर्त

ये अवधियाँ दिनमान के हिस्से होती हैं, इसलिए स्थान पर निर्भर करती हैं — दिल्ली का पंचांग चेन्नई में मान्य नहीं। हम हमेशा बताते हैं कि किस शहर के लिए गणना हुई है, और आप इसे बदल सकते हैं।

गणना लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश और दृक् गणित पद्धति से होती है। भिन्न पंचांग और परंपराएँ थोड़ा भिन्न मान दे सकती हैं।

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